सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
आसमानों की होगी छत और प्यार की ईंटों से बना मकान होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
टिमटिमाते तारों से सजी होगी अपनी छत , कुछ अतरंग सा समां होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
तेरी हँसियों से गूँजता घर का हर कोना खुशनुमा होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
तेरी मेरी दुनिया का हर पल कुछ नया होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
खाएंगे प्यार की कसमें , जीवन भर साथ निभाने का वादा होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
रोपेंगे खुशियों के फूल अपनी प्यार की क्यारी में
जिनसे महकता हमारा हर एक समां होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
छोडूंगा न तेरा हाथ जिंदगी भर , उम्र के ढलते दिनों में भी तुझे मेरा सहारा होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2
हक़ीक़त तो न बन पाई मेरी ख्वाहिशें ,अब सपनों में ही इनका नजारा होगा
सोंचा था तेरी मेरी मोहब्बतों का एक छोटा सा जहाँ होगा
खूबसूरत सी इस दुनिया में तेरा मेरा एक आशियाँ होगा ....2